पीपल का पेड़ और इसके फायदे
पीपल के पेड़ के मातृभूमि भारत है
आमतौर पर यह हिंदुस्तान में पूरी जगह पर सामान्य और ऊपर हो जाता है
इसकी ऊंचाई काफी ज्यादा होती है और यह काफी चौड़े विभाग में फैला होता है इसलिए यह काफी महत्वपूर्ण पेड़ है इसकी शान बहुत ठंडी होती है इसकी शाम के नीचे आमतौर पर 400 से 500 व्यक्ति बैठ सकते हैं
इस पेड़ को बहुत लंबी उम्र वाला भी कहते हैं यह अपनी लंबी उम्र होने के कारण काफी गुणों से भी भरपूर है इस कारण से कुछ अंधविश्वास भी जुड़े हुए हैं कुछ लोग इस को अच्छा मानते हैं और कुछ बुरा मानते हैं कुछ लोग इसके गुणों को पूजते हैं पीपल का पेड़ बहुत ज्यादा पुराना है इसकी चर्चा हमें वेदों और पुराणों में भी मिलती है वेदों और पुराणों में इस पेड़ को पवित्र माना गया है जिनके ऊपर शनि की दशा बुरी चल रही होती है वह लोग पीपल के पेड़ के नीचे या का दिया जलाते हैं तो उनको शनि से छुटकारा मिलना शुरू हो जाता है हिंदू रीति रिवाज में यह पीपल का पेड़ बहुत महत्वपूर्ण है
- पीपल का पेड़ मधुर कसैला और ठंडा होता है
- पीपल का फल शीतल ठंडा कफ पित्त शुगर दोष के शोध और अरुचि हो जाने के ऊपर इस्तेमाल किया जाता है
पीपल के लाभ के रूप से एक तरह का लाभ प्राप्त होता है जो कि आम तौर के ऊपर हल्के भूरे रंग का होता है इसका टेस्ट बहुत फ्री का होता है पर यह बहुत शक्तिशाली होता है इसकी वर्तो कफ पित्त शुगर रोग मैं जरीला बुखार हिचकी पेट के रोग बुखार नाक के रोग पेट में कीड़े हो जाने के ऊपर किया जाता हैइसका इस्तेमाल कैसे करें
- गर्मी में जब शरीर के ऊपर फुंसियां और फोड़े निकल आते हैं तो इसकी सुखी हुई शाल को उनके ऊपर लगाने से बहुत आराम मिलता है और वह बहुत जल्दी ठीक हो जाती हैं
- आग से जलने से पीपल की सूखी हुई लकड़ी का चूर्ण बनाकर उसको घी में डालकर उस जगह पर लगाने से वह जगह ठीक होनी शुरू हो जाती है
- सांप के काटने से पीपल की टहनियां की औरतों से शाम के काटने वाली जगह के ऊपर यह भी असर खत्म होना शुरू हो जाता है पीपल की दो टहनियों को तोड़कर उनको गोल कर सांप के काटने वाले व्यक्ति के कान के पर्दे तक जाते हैं इस क्रिया को करने में 15 से 20 मिनट लगते हैं और इस क्रिया से सांप का जहर भी असर किया जाता है
- बच्चों की आवाज साफ करने के लिए इस के फलों को इस्तेमाल करने से उनकी आवाज साफ हो जाती है
- हिचकी आने के ऊपर पीपल के पेड़ के साल की राख थोड़ी सी पानी के अंदर डालकर पीने से वह ठीक होनी शुरू हो जाती है
कफ और ज्यादा खांसी के लिए पिपल की लाख को क्यों रन बनाकर उसको घी और शक्कर में मिलाकर खाने से आराम मिलता है
आज हमने आपको पीपल के पेड़ के बारे में बताया है




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